Holi Kavi Sammelan

A combination of three Hasya Kavi for Holi Festival.
A combination of three Hasya Kavi for Holi Festival.

Holi एक ऐसा Festival है जिसके बहाने लगभग पूरे समाज का Get-together हो जाता है। छोटी-छोटी संस्थाओं से लेकर बड़े-बड़े Corporate तक Holi Milan के समारोह आयोजित किये जाते हैं। इन सभी programmes में Hasya Kavi Sammelan एक most suitable और entertaining programme रहता है। अकेले Delhi और NCR में ही Holi से पहले के 30 दिनों में लगभग 500 Kavi Sammelan होते हैं। इन छोटे-छोटे Kavi Sammelans में एक से लेकर 10-12 poets तक का Participation होता है। Delhi के अतिरिक्त Kolkata, Hydrabad, Chennai Jaipur, Bhopal, Agra, Udaipur, Jodhpur, Ahmadabad, Surat, Vadodara, Mumbai, Gwalior, Dehradun, Meerut, Panipat, Sonepat, Kurukshetra, Ambala, Hissar, Nagpur, Aurangabad, Mathura, Siligudi, Guwahati और Patna जैसे शहरों में भी इस तरह के Holi Milan के Kavi sammelans की धूम रहती है।
Hasya-Vyangya और Masti के माहौल में कवि सम्मेलन का तड़का होली को और भी अधिक रंगीला बना देता है। देश के Hasya Kavis के लिये Holi से पहले के 30 दिन सर्वाधिक व्यस्त होते हैं। 3-3 महीने पहले से लोग अपनी-अपनी Team Book कर लेते हैं। Shailesh Lodha, Arun Gemini, Mahendra Ajanabi, Chirag Jain, Shambhu Shikhar, Praveen Shukla, Sanjay Jhala, Mohinder Sharma, Ramesh Muskan, Vedprakash Ved, Sunil Jogi, Pratap Faujdar, Aashkaran Atal, Ashok Chakradhar, Surendra Sharma, Dinesh Bawra, Pradeep Chobey, Sarvesh Asthana, Padma Albela, Sunil Vyas, Yusuf Bharadwaj और Surendra Dubey होली की मस्तियों में रंग भरने वाले सबसे पहले Hasya Kavi हैं।