Hullad Moradabadi passed away

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हिन्दी की हास्य कविता का एक युग कहे जाने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी का शनिवार
शाम मुम्बई में निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे और लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे
थे। हुल्लड जी की रचनाओं ने हास्य कविता की परंपराओं को एक नयी दिशा प्रदान की। मंचीय कविता में जिन चंद कवियों को हास्य कवि के रूप में बड़ी पहचान मिली, हुल्लड़ जी उनमें से एक थे। गत लगभग एक दशक से वे स्वास्थ्य के कारण कम सक्रिय थे।

उनके निधन पर हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा जी ने कहा – “हुल्लड़ जी का जाना हास्य के एक युग का समाप्त होना है, उन्होंने अपनी शैली से न केवल लोगों के दिलों में जगह बनाई बल्कि हास्य कविता को एक बड़ी पहचान भी दी।”