Tag Archives: Hindi Kavita

Ek Swar Mera Mila Lo : Sohanlal Dwivedi

एक स्वर मेरा मिला लो : सोहनलाल द्विवेदी वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो! राग में जब मत्त झूलो तो कभी माँ को न भूलो अर्चना के रत्नकण में एक कण मेरा मिला लो! जब हृदय … Continue reading

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Kyon Pyar Kiya Tha : Harivansh Rai Bachchan

क्यों प्यार किया था : हरिवंश राय बच्चन अर्द्धरात्रि में सहसा उठ कर पलक संपुटों में मदिरा भर तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था क्षण भर को क्यों प्यार किया था ‘यह अधिकार कहाँ से लाया’ … Continue reading

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Agnipath : Harivansh Rai Bachchan

अग्निपथ : हरिवंश राय बच्चन अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! वृक्ष हों भले खड़े हों घने, हों बड़े एक पत्र छाँह भी मांग मत! मांग मत! मांग मत! तू न थकेगा कभी तू न थमेगा कभी तू न मुड़ेगा कभी कर शपथ! कर … Continue reading

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Us Paar Na Jaane Kya Hoga : Harivansh Rai Bachchan

उस पार न जाने क्या होगा : हरिवंश राय बच्चन इस पार, प्रिये मधु है तुम हो उस पार न जाने क्या होगा यह चांद उदित होकर नभ में, कुछ ताप मिटाता जीवन का लहरा-लहरा ये शाखाएँ कुछ शोक भुला … Continue reading

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