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Hindi Diwas ke Dohe : Urmilesh Shankhdhar

हिंदी दिवस के दोहे : उर्मिलेश शंखधर हिंदी भाषा ही नहीं, और न सिर्फ़ ज़ुबान। यह अपने जह हिंद के नारे की पहचान॥ हिंदी में जन्मे-पले, बड़े हुए श्रीमान। अब इंग्लिश में कर रहे, हिंदी का अपमान॥ वायुयान में बैठकर, … Continue reading

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