Aaj Ki Raat Baanhon Mein : Aatmprakash Shukla

आत्मप्रकाश शुक्ल :  क्या पता ये मिलन फिर दुबारा न हो

आज की रात बाँहों में सो जाइए
क्या पता ये मिलन फिर दुबारा न हो
या दुबारा भी हो तो भरोसा नहीं
मन हमारा न हो मन तुम्हारा न हो

आज की रात आँखों में खो जाइए
क्या पता कल नयन हो नज़ारा न हो
या नज़ारा भी हो तो भरोसा नहीं
मन हमारा न हो मन तुम्हारा न हो