Zarurat Kya Thi : Hullad Moradabadi
ज़रूरत क्या थी : हुल्लड़ मुरादाबादी
आइना उनको दिखाने की ज़रूरत क्या थी
वो हैं बन्दर ये बताने की ज़रूरत क्या थी
घर पे लीडर को बुलाने की ज़रूरत क्या थी
नाश्ता उसको कराने की ज़रूरत क्या थी
दो के झगड़े में पिटा तीसरा, चौथा बोला
आपको टांग अड़ाने की ज़रूरत क्या थी
चार बच्चों को बुलाते तो दुआएं मिलती
साँप को दूध पिलाने की ज़रूरत क्या थी
चोर जो चुप ही
लगा जाता तो वो कम पिटता बाप का नाम बताने की ज़रूरत क्या थी जब पता था कि दिसम्बर में पड़ेंगे ओले सर नवम्बर में मुंडाने की ज़रूरत क्या थी अब तो रोज़ाना गिरेंगे तेरे घर पर पत्थर आम का पेड़ लगाने की ज़रूरत क्या थी जब नहीं पूछा किसी ने क्या थे जिन्ना क्य नहीं आपको राय बताने की ज़रूरत क्या थी एक शायर ने ग़ज़ल की जगह गाली पेली उसको दस पैग पिलाने की ज़रूरत क्या थी दोस्त जंगल में गया हाथ गँवा कर लौटा शेर को घास खिलाने की ज़रूरत क्या थी